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SP-BSP गठबंधनः 2019 लोकसभा चुनाव में UP की 80 सीटों में से 38-38 पर चुनाव लड़ेगी SP-BSP

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जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही वैसे-वैसे देश में सियासी पारा भी गरम होता जा रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में अब गिने चुने दिन ही बचे हैं। चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक पार्टियां चुनाव में जीत हासिल करने के लिए एडी चोटी का जोर लगाई हुई है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के दो कट्टर विरोधी पार्टी सपा बसपा 25 साल बाद एक साथ हो गई है। शनिवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती लखनऊ के ताज होटल में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 पर एसपी-बीएसपी चुनाव लड़ेंगी। गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा गया है लेकिन गांधी परिवार के परंपरागत गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन उम्मीदवार नहीं उतारेगा। मायावती ने कहा कि बाकी 2 सीटें अन्य दलों के लिए रखा गया है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह अर्थात गुरु और चेले की नींद उड़ाने वाली ऐतिहासिक प्रेस वार्ता है। उन्होंने कहा “बीजेपी की जहरीली, सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीतिक से प्रदेश को दूर रखने की मंशा ऐसा किया गया था। देश में दोबारा ऐसे हालातों के बीच बसपा ने एक बार फिर ऐसा करने की जरूरत महसूस की है।“

बसपा मुखिया ने कहा कि बसपा ने आगामी लोकसभा चुनावों में एक बार फिर समाजवादी पार्टी के साथ इस गठबंधन को करने का फैसला किया है। आने वाले समय में 2019 में हुए इस गठबंधन को एक प्रकार से नए राजनीतिक क्रांति का समय माना जाएगा।

बसपा प्रमुख ने कहा कि 4 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक में हमने प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इसकी भनक शायद बीजेपी को हो गई थी जिसकी वजह से हमारे सहयोगी अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के लिए जबरन उनका नाम खनन घोटाले में शामिल किया गया।

वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि बीजेपी शासनकाल में सभी लोगों पर बहुत अन्याय किया है। अखिलेश यादव ने कहा केंद्र और देश की बीजेपी सरकार ने देश और समाज को एक सूत्र में बांधने की बजाय समाज में नफरत का वातावरण बनाया है।  

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