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सफेद दाग को समाज में छुआछूत से जोड़ कर देखा जाता है। इसी को खत्म करने की कोशिश में जुड़ी हैं विटिलिगो काउंसलर दीपिका दिवाकर। विश्व विटिलिगो दिवस के मौके पर दीपिका दिवाकर ने बताया कि सफेद दाग बीमारी को हमारे समाज में छुआछूत से जोड़ कर देखा जाता है। उन्होंने कहा कि अज्ञानता की वजह से कुछ लोग इसे कुष्ठ रोग भी समझ लेते हैं।

कई बार सफेद दाग की वजह से मरीज और उसके परिवार को भी सामाजिक भ्रांतियों में पड़ कर नौकरी, शादी-विवाद आदि में परेशानी  का सामना करना पड़ता है और भी कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ती है। विटिलिगो काउंसलर ने बताया कि जब इंसान के शरीर में रंग बनाने वाली कोशिकाएं विपरीत अवस्था में कार्य करने लगती हैं, तो त्वचा पर सफेद दाग दिखाई देने लगते हैं।

वर्षों पहले इसे श्वेत कुष्ठ माना जाता था। लोग मरीज से दूरी बनाना शुरू कर देते थे, जबकि यह गलत धारणा है। विटिलिगो काउंसलर दीपिका ने आगे कहा कि सफेद दाग छुआछूत की बीमारी नहीं है और न ही यह किसी तरह का कुष्ठ है। अगर मरीज जल्दी डॉक्टर के पास पहुंचता है, तो उसका पूरी तरह से उपचार हो सकता है।

सफेद दाग के प्रति इसी भ्रांति को दूर करने के लिए प्रति वर्ष 25 जून को विश्व विटिलिगो दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में दो प्रतिशत और भारत में तीन से पांच प्रतिशत लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 30 साल तक के लोगों में यह रोग ज्यादा पाया जाता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। विटिलिगो काउंसलर ने कहा कि इस रोग को छिपायें नहीं, बल्कि जल्द से जल्द चिकित्सक को दिखायें। दवाओं और सर्जरी से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। सफेद दाग त्वचा ऑटो इम्यून बीमारी है, जिसका संबंध मेलेनिन नामक पिगमेंट से है, जो हमारी त्वचा के रंग के लिए जिम्मेदार है।

मेलेनिन मेलेनोसाइट नामक कोशिका से बनता है। ऑटो इम्यून बीमारी में शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली इस कोशिका को नष्ट करने लगती है और मेलेनिन का बनना धीरे-धीरे बंद होने लगता है। शरीर के जिस स्थान पर यह असर करता है, वहां की चमड़ी सफेद होने लगती है, जिसे सफेद दाग, विटिलिगो अथवा ल्यूकोडर्मा के नाम से जाना जाता हैं।

यह बीमारी क्यों होती है ?

इसका आज तक ठीक-ठीक पता नहीं लगाया जा सका है। जब इंसान के शरीर में रंग बनाने वाली कोशिकाएं विपरीत अवस्था में कार्य करने लगती हैं, तो त्वचा पर सफेद दाग दिखाई देने लगते हैं।

विटिलिगो काउंसलर दीपिका दिवाकर कहा कि इलाज संभव है पर उससे भी ज्यादा जरूरी है खुद को इसी रूप में अपनाना और हताश ना होना और खुश रहना और अपने सभी कार्य को मेहनत से करना ।

दीपिका दिवाकर खुद एक विटिलीगो फाइटर हैं। उन्होंने अपने बारे में बताया कि वह 7 साल की छोटी उम्र से अब तक बहुत उतार चढाव देखने के बाद आज आप उन लोगों के लिए काम कर रही हैं जो इस बीमारी से हताश हो चुके हैं

सोमवार को साउथैम्प्टन में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले के दौरान शकिब ने कई कीर्तिमान स्थापित किए।बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शकिब अल हसन इस विश्व कप में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े और बनाए हैं।

शकिब पहले ही टूर्नामेंट में दो शतक जड़ चुके हैं, इस शानदार उपलब्धि को हासिल करने वाले वह विश्व के 19 वें खिलाड़ी बनें।

विश्व कप में एक हजार रन बनाने और 25 विकेट लेने वाले शकिब विश्व के दूसरे ऑलराउंडर बने। सबसे पहले श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज और ऑलराउंडर सनथ जयसूर्या ने यह करिश्मा किया था। शकिब ने अफगानिस्तान के खिलाफ भी 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। शकिब ने 1002 और 28 विकेट अपने नाम किए हैं। जबकी जयसूर्या के नाम 1165 रन और 27 विकेट हैं।

शकिब और मुशफिकुर रहीम की जोड़ी वन-डे में बांग्लादेश के लिए तीन हजार रनों की साझेदारी करने वाली पहली जोड़ी बन गई है।

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है। एंटिगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने इस संदर्भ में बयान दिया है कि वह जल्द ही मेहुल चोकसी की नागरिकता रद्द करने वाले हैं। ब्राउन के मुताबिक, भारत की ओर से लगातार इसको लेकर दबाव बनाया जा रहा था। 

आपको बता दें कि चोकसी एंटिगुआ में रह रहा था। एंटिगुआ के प्रधानमंत्री ने कहा है कि, मेहुल चोकसी को पहले यहां की नागरिकता मिली हुई थी, लेकिन अब इसे रद्द कर, उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने देश में नहीं रखेंगे, जिसपर किसी तरह के आरोप लगे हों। 

अब एंटिगुआ में मेहुल चोकसी पर किसी तरह का कानूनी रास्ता नहीं बचा है, जिससे वह बच सके इसलिए उसका भारत लौटना लगभग तय है। 

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत दौरे पर आ रहे हैं। मंगलवार रात वह दिल्ली पहुंचेंगे। वह बुधवार को प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। जयशंकर पोम्पियो के लिए लंच भी होस्ट करेंगे। ईरान तेल निर्यात, पाकिस्तान में आतंकवाद और रूस के साथ एस-400 समझौते समेत कई मुद्दों पर इस दौरान बातचीत की जाएगी।  

पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वह बार-बार भारत को निशाना बना रहा है। जिससे भारत की चिंता बढ़ती जा रही है। साथ ही पाकिस्तान मुंबई, पठानकोट, उरी और पुलवामा आतंकी हमलों की जांच में ना तो सहयोग कर रहा है और ना ही जांच को आगे बढ़ा रहा है। इसलिए इस मुद्दे पर भी भारत पोम्पियो से बात कर सकता है। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि वह पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई जा रही कार्रवाई को समझते हैं। 

अमेरिका और तालीबान की फिलहाल बातचीत चल रही है। ताकि लंबे समय से अफगानिस्तान में चल रही अमेरिकी लड़ाई को खत्म किया जा सके। ऐसे में अफगानिस्तान को युद्धक्षेत्र बदलने के पीछे पाकिस्तान के प्रभाव पर भी बातचीत हो सकती है।


भारत अमेरिका से सेना के लिए कई उपकरण खरीद रहा है, जिसमें 24 एमएच60 सीहॉक हेलीकॉप्टर, लंबी दूरी वाला 10 पी8एलविमान, 6 अधिक अपाचे-64 हेलीकॉप्टर आदि शामिल हैं। रक्षा खरीद को आगे और बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।

हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत भारत और अमेरिका दोनों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में पोम्पियो भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं।

कुछ मुद्दे ऐसे भी हैं जो भारत और अमेरिका के बीच विवाद का विषय बने हुए हैं। इन मुद्दों का हल निकालने के लिए भी इस दौरान विचार विमर्श हो सकता है। 

पोम्पियो से भारत-अमेरिकी व्यापार में चल रहे तनाव को खत्म करने की लिए बातचीत हो सकती है। हाल ही में अमेरिका ने भारत को विषेश तरजीह वाले देशों (जीएसपी सूची) की सूची से बाहर किया है। जिसके बाद भारत ने भी जवाब देते हुए अमेरिका से आयातित 28 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव के कारण ईरान का तेल निर्यात प्रभावित हो रहा है। भारत भी ईरान से तेल लेता है। लेकिन अमेरिका ने भारत सहित कई देशों को चेतावनी दी है कि अगर वह ईरान से तेल खरीदते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़े प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे। हालांकि अमेरिका भारत को वैकल्पिक स्त्रोत को लेकर भी विकल्प दे सकता है।  

-एच-1बी वीजा: अमेरिका द्वारा एच-1 बी वर्क वीजा पर प्रतिबंध की संभावना से भारत भी चिंतित है। इसी हफ्ते अमेरिका ने कहा है कि वह एच-1बी कार्यक्रम की समीक्षा करेगा लेकिन इससे भारत को नुकसान नहीं होगा। इसपर लिए गए किसी भी फैसले का नकारात्मक प्रभाव भारतीयों पर ना पड़े, इसके लिए भी बातचीत हो सकती है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी बार सरकार बनने के बाद ये अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की ओर से पहला दौरा है। पोम्पियो भारत के अलावा श्रीलंका की यात्रा पर भी जाएंगे। इसके बाद वह दक्षिण कोरिया की यात्रा पर जाएंगे। फिर वह ओसाका में जी 20 सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिरकत करेंगे।

 

आपातकाल को देश के लोकतंत्र में काले अध्याय के तौर पर याद किया जाता है। आज आपातकाल को 44 साल पूरे हो गए। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता आपाताकाल को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर ही लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की एक वीडियो जारी करके इसे याद किया तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजनीतिक हितों के लिए देश के लोकतंत्र की हत्या की गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके कहा कि आपातकाल भारत के इतिहास के काला अध्याय में से एक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक आपातकाल के दौरान की एक वीडियो ट्वीट करके इसे याद किया। वीडियो में संसद के अंदर प्रधानमंत्री के भाषण का एक हिस्सा भी दिखाया गया है। उन्होंने लिखा, 'भारत उन सभी महानुभावों को सलाम करता है जिन्होंने आपातकाल का जमकर विरोध किया। भारत का लोकतांत्रिक स्वभाव एक सत्तावादी मानसिकता पर सफलतापूर्वक हावी रहा।'

गृह मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, '1975 में आज ही के दिन मात्र अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के लोकतंत्र की हत्या की गई। देशवासियों से उनके मूलभूत अधिकार छीन लिए गए, अखबारों पर ताले लगा दिए गए। लाखों राष्ट्रभक्तों ने लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए अनेकों यातनाएं सहीं। मैं उन सभी सेनानियों को नमन करता हूं।'

रक्षा मंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, '25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा और इसके बाद की घटनाएं, भारत के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक के रूप में चिह्नित हैं। इस दिन हम भारत के लोगों को हमेशा अपने संस्थानों और संविधान की अखंडता को बनाए रखने के महत्व को याद रखना चाहिए।'

मोदी सरकार में मंत्री किरण रिजीजू ने कहा, 'आज आधी रात को मैं अपना समय स्वतंत्रता के लिए समर्पित करूंगा क्योंकि 25 जून 1975 आधी रात को भारत में आपातकाल लगाया गया था तथा लोकतंत्र की हत्या उस क्षण हुई थी। 25 जून को भारत का काला दिन के तौर पर याद किया जाता है। इस दिन लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। इंदिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने संविधान को ताक पर रखकर राजनीतिक विरोधियों को जेस में डाल दिया गया। प्रेस को दबाया गया और जजों पर जुल्म किए गए।'

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'आज 1975 में घोषित हुए आपातकाल की बरसी है। पिछले पांच सालों से देश 'सुपर इमरजेंसी' के दौर से गुजर रहा है। हमें अतीत से सबक लेना चाहिए और देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए।'

केंद्रीय मंत्री और ओडिशा से भाजपा सांसद प्रताप चंद सारंगी ने सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सारंगी ने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए कहा, 'जो लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने तक जंग रहेगी, पाकिस्तान जिंदाबाद और अफजल गुरू जिंदाबाद के नारे लगाते हैं क्या उन्हें देश में जीने का अधिकार है।' 

प्रताप चंद सारंगी ने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले पांच साल के कार्यकाल में किये गए कामकाज की सफलता को स्वीकार कर उनका अभिनंदन करना चाहिए और खुद को जनता द्वारा नकार दिये जाने पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।

केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप चंद सारंगी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूपीए के समय नीतिगत पंगुता थी और घोटाले पर घोटाले हो रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने रहते थे।

उन्होंने कांग्रेस के प्रथम परिवार (नेहरू-गांधी परिवार) की भी आलोचना की जिस पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने कड़ा एतराज जताया। सदन में मौजूद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सदस्यों को विरोध करने के लिए संकेत करते हुए देखी गयीं।

कांग्रेस के सदस्यों ने ‘व्यवस्था का प्रश्न’ उठाया लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर ‘व्यवस्था का प्रश्न’ नहीं उठाया जाता। सारंगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उसकी छवि गरीब, किसान, महिला विरोधी बनाने की कोशिश की गई। 

सरकार को सांप्रदायिक दर्शाने और नोटबंदी, जीएसटी और अन्य विषयों को लेकर नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास किया गया लेकिन जनता ने विपक्ष के महागठबंधन के प्रयासों को धता बताते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार बनने के बाद ही कहा था कि वह प्रधान सेवक हैं और यह सरकार गरीबों के लिए है। उन्होंने इस बात का पालन करके दिखाया है। सारंगी ने कहा कि 1971 में जब तत्कालीन जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी तो आज कांग्रेस एवं विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है।

उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है और मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने हर साल विभिन्न स्थानों पर जाकर अपने कामकाज का हिसाब जनता को दिया। जनता ने काम के आधार पर फिर मोदी को चुना है इसलिए हम जनता के आभारी हैं। सारंगी ने अपने भाषण में कई बार ऋग्वेद, गीता, रामचरित मानस और वेदों के मंत्रों, श्लोकों और सूक्तियों का उल्लेख किया।

अक्षय कुमार की फिल्म केसरी बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के बाद अब जल्द ही जापानियों का दिल जीलने को तैयार है। अक्षय कुमार ने अपने ट्व‍िटर आकउंट पर इस बात कि पुष्टी की। किल्म 16 अगस्त को जापान के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

आपको बता दें कि सात दिनों में 100 करोड़ के क्लब में पहुंचने वाली फिल्म केसरी को वर्ल्डवाइड 4200 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया था। देश विदेश में हिट साबित होने के बाद अब इसे जापान में रिलीज किया जाएगा। अक्षय कुमार ने ट्विटर पर फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा है 'केसरी, फिल्म जो अब तक के सबसे बहादुर जंग में से एक है। 10 हजार हमलावरों के खिलाफ 21 निडर सिपाही, अब यह 16 अगस्त को जापानियों का दिल जीतने को तैयार है।'

 

 केसरी फिल्म भारत की आजादी से पहले की एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें 21 बहादुर सिपाहियों ने दस हजार अफगान हमलावरों के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इस फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा पर‍िणीत‍ि  चोपड़ा उनकी पत्नी की भूमिका निभा में नजर आई थीं।

अफगानिस्तान के कप्तान गुलबदीन नैब ने बांग्लादेश के खिलाफ सोमवार को होने वाले मुकाबले से पहले रविवार को बंगलादेश को आगाह करते हुए कहा, ‘हम तो डूबे हैं सनम, तुमको भी ले डूबेंगे।'' अफगानिस्तान ने अभी तक अपने सभी छह मैच गंवाये हैं और वह टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। बांग्लादेश को अपनी उम्मीदें बरकरार रखने के लिये अफगानिस्तान पर जीत दर्ज करनी होगी। गुलबदीन से जब बांग्लादेश के खिलाफ मैच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘‘हम तो डूबे हैं सनम, तुमको लेकर डूबेंगे।'' 

वर्ल्ड कप 2019 में लगातार हार झेलती अफगानिस्तान टीम प्वाइंट टेबल पर आखिरी पायदान पर है। इससे पहले अफगान कप्तान गुलबदीन नैब ने अपने बल्लेबाजों से कहा था कि उन्हें पूरे ओवर खेलने चाहिए। अफगानिस्तान टीम भले ही इंडिया के खिलाफ अपना मैच हार गई, लेकिन मैच के आखिरी पड़ाव तक जीत के लिए लड़ती रही। अब उसका अगला मुकाबला बांग्लादेश है और इस पर गुलबदीन ने तंज कसा।

 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश करेंगे। गृहमंत्री के रूप में अमित शाह का यह पहला बिल होगा। इसको पहले अध्यादेश के रूप में लागू किया गया था। जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दी थी। 

नियमों के अनुसार, अब यह बिल लोकसभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) अध्यादेश 2019 को केंद्रीय कैबिनेट ने 28 फरवरी 2019 को मंजूरी दी थी। 

इसके द्वारा जम्मू और कश्मीर आरक्षण विधेयक 2004 में संशोधन होगा जिससे राज्य में सीमा के भीतर रहने वाले लोगों को भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बराबर का आरक्षण मिलेगा। यह विधेयक जम्मू और कश्मीर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले अध्यादेश की जगह लेगा।

इससे जम्मू-कश्मीर के युवाओं को फायदा होगा जो राज्य सरकार की नौकरियों को पाना चाहते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को जनवरी 2019 में 103 वें संविधान संशोधन के माध्यम से लागू किया गया था।


ज्ञात हो कि भाजपा शुरू से ही जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने की बात कहती आई है। संविधान का यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को संविधान, ध्वज और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मामलों को छोड़कर अपने स्वयं के कानूनों को बनाने का अधिकार देता है। जबकि और अनुच्छेद 35A राज्य के स्थायी निवासियों को परिभाषित करता है और बाहरी लोगों को संपत्ति रखने और सरकारी नौकरियों सहित लाभ प्राप्त करने से बाहर रखता है। 

विधेयक पास न होने या ससंद का सत्र न चलने की स्थिति में केंद्र सरकार के अनुमोदन पर राष्ट्रपति के द्वारा जो आदेश या अधिसूचना जारी की जाती है, उसे ही अध्यादेश कहते हैं। अध्यादेश की अवधि कम से कम छह हफ्ते और अधिकतम छह महीने की होती है।

 संसद या विधानमंडल सदस्य द्वारा किसी विषय पर नया नियम बनाने के लिए पहले उसका प्रारूप या ड्राफ्ट बनाया जाता है। इस प्रारूप में उससे सम्बंधित सभी शर्तों का उल्लेख किया जाता है। जब इस प्रारूप को संसद में पेश किया जाता है, तो इसे विधेयक के नाम से जाना जाता है। 

 

जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट के मद्दे नजर पुलवामा में सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरु किया है। सुरक्षाबलों को पुलवानमा के तुललुहल गांव में आतंकियों के छिपे होने ख़बर मिलने के बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया है और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेना की 55 आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी की टीम ने यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। तुललुहल और उससे सटे आस-पास के गांवों के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है और घर-घर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

आपको बता दें कि रविवार को शोपियां जिले में सुरक्षाबलों द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसमें सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में अंसार गजवात-उल-हिंद (एजीएच) के चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया था। इस महीने एजीएच आतंकवादियों के साथ यह दूसरी मुठभेड़ थी। इससे पहले हाल ही में पुलवामा में हुई मुठभेड़ में इस नए आतंकी संगठन का कमांडर जाकिर मूसा मारा गया था।

 

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